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हर गाँव का होगा नियोजित विकास

MPNEWSLIVE : 28 मई, 2014 

भोपाल ।।   सुनियोजित विकास की दिशा में मध्यप्रदेश ने लम्बी छलांग लगाई है। प्रत्येक गाँव की मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और आवश्यकताओं के 50 हजार 982 मास्टर प्लान बन गए हैं। यह जानकारी योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गाँवों के सुनियोजित विकास की दिशा में मास्टर प्लान का निर्माण महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रगति सूचकांकों में दिखाई देने के कार्य में आर्थिकी एवं सांख्यिकी जानकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी कार्य को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की जरूरत बताते हुए सभी सांख्यिकी जानकारियाँ निश्चित समय में उपलब्ध करवाई जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग सांख्यिकी जानकारियाँ नोडल विभाग को समय पर उपलब्ध करवायें। इसकी कड़ी मॉनीटरिंग की जाए। उन्होंने राज्य में सांख्यिकी कॉडर बनाए जाने की पहल की भी जरूरत बतलाई। उन्होंने मास्टर प्लान बनाने के व्यापक कार्य के लिये विभाग को बधाई देते हुए कहा कि गाँवों के विकास कार्य मास्टर प्लान के अनुसार ही किये जाएं। चौहान ने कहा कि मास्टर प्लान अनुसार विकास कार्य करवाने वाले विभागों और पंचायतों को पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी की जाए।

       मुख्यमंत्री चौहान ने विभागों की सांख्यिकी जानकारी आधारित आवश्यकता, क्षमता और दक्षता अनुसार वित्तीय भौतिक लक्ष्यों का निर्धारण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान की जानकारी समस्त विभागों को उपलब्ध करवाई जाये। सभी विभाग प्रचलित योजनाओं के कार्यों का मास्टर प्लान के आधार पर नियोजन कर वित्तीय और भौतिक संसाधनों का वंटन करें। उन्होंने कहा कि वित्तीय आवंटन का पुनर्रावंटन लक्ष्यापूर्ति नहीं माना जाए। वास्तविक व्यय ही पूर्णता का आधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने में मास्टर प्लान अत्यंत उपयोगी होंगे। उन्होंने कारपोरेट रेसपॉन्सिबिल्टी के तहत विकास कार्यों में सहभागिता के इच्छुक औद्योगिक घरानों को मास्टर प्लान की जानकारियाँ उपलब्ध करवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

50 हजार से अधिक गाँव के मास्टर प्लान बने :

         बैठक में बताया गया कि मास्टर प्लान के निर्माण में 1.95 करोड़ समुदाय की नियोजन प्रक्रिया में भागीदारी हुई। कुल 1250 स्वयंसेवी संस्थाएँ, 50 हजार से अधिक जन-प्रतिनिधियों और 10 हजार से अधिक तकनीकी सहायता दलों में 62 हजार से अधिक मैदानी अमले का योगदान है। प्लान में गाँव के विकास कार्यों की आवश्यकता उसके प्राथमिकता के क्रम में संधारित की गई है। हितग्राहीमूलक योजनाओं के अंतर्गत ग्राम सभा द्वारा चयनित लाभार्थियों की सूची और बेसलाइन आँकड़ों की पुष्टि भी की गई है। बैठक में योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी मंत्री जयंत कुमार मलैया, मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी श्रीमती अजिता वाजपेयी पांडे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री के सचिव विवेक अग्रवाल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


 
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