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महंगाई दर में गिरावट-पेट्रोल-डीजल भी सस्ता, यानी अच्छे दिनों की शुरूआत

MPNEWSLIVE : 16 अक्टूबर, 2014 

भोपाल ।।  पेट्रोल एक रूपये प्रति लीटर सस्ता हो गया है। डीजल भी आजकल में 2 रूपये प्रति लीटर सस्ता हो जाएगा, ऐसे संकेत पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने दिए हैं। इधर सब्जी समेत खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट रहने के बीच सितम्बर माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रा स्फीति 5 साल के न्यूनतम स्तर 2.38 पर आ गई।

       इधर देश के निर्यात व्यापार में भी लगभग 2 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसका अर्थ यह हुआ कि अच्छे दिनों की शुरुआत हो गई है। यह स्थिति आगे भी नियंत्रण में होना चाहिए। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़े नहीं। डीजल-पेट्रोल की दरें भी यही रहें। हालांकि तेल की कीमतें अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तय होती हैं। वैसे तेल यानी डीजल-पेट्रोल की कीमतें और कम हो सकती हैं, यदि राज्य सरकारें इस पर 'वेटÓ टैक्स को आधा कर दें।
       नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के 3 महीनों की अवधि में टमाटर के भाव आसमान छूने लगे थे, दिल्ली में बिजली संकट गहरा गया था। पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ गयी थीं। इधर उत्तरप्रदेश में कुछ शहरों में साम्प्रदायिक दंगे शुरु हो गए थे। तब विपक्ष ने मोदी के और भाजपा के अच्छे दिन आने वाले हैं के विज्ञापन नारे की हंसी उड़ाना शुरु कर दी थी। जनता के एक वर्ग में भी गलत संदेश जाने लगा था कि मोदी सरकार हो या मनमोहन सब बराबर है, जनता को तो भुगतना है।
      इधर खराब मानसून के कारण भी कुछ हालात बिगड़े। लेकिन अब आश्चर्यजनक व सुखद पहलू यह है कि देश की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी है। डालर के मुकाबले रूपये की स्थिति मजबूत हुई है। औद्योगिक घरानों का सरकारी मशीनरी में विश्वास बढ़ा है। मनमोहन के समय जो फैसले अटके पड़े थे, मोदी सरकार ने उन्हें इन चार-पांच महीनों में मंजूरी दे दी है, इससे बाजार में निजी निवेश बढ़ा है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। मोदी सरकार के जन-धन योजना से गरीब वर्गों के बैंक खाते खुले हैं। वे अब बैंकों से जुडऩे लगे हैं। सरकार यदि काला बाजारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे तो देश की जनता और अधिक अच्छा महसूस कर सकती है।


 
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