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मध्‍यप्रदेश में शराब होगी सस्‍ती, देसी ठेकों पर मिलेगी विदेशी

MPNEWSLIVE : 31 दिसम्बर, 2014 

भोपाल ।।  मध्यप्रदेश में राज्य सरकार सिगरेट के बाद अब शराब से वैट हटाने जा रही है। इससे खजाने को सालाना लगभग 500 करोड़ की आय होने की उम्मीद है। वहीं उपभोक्ताओं के लिए शराब सस्ती हो जाएगी। इसके साथ ही देसी शराब दुकानों पर विदेशी शराब भी मिलेगी यानी प्रदेश में शराब सस्ती भी होगी और आसानी से उपलब्ध भी होगी।

हालांकि खजाना भरने के नाम पर ही सरकार कुछ दिनों पहले ही पेट्रोल-डीजल महंगा कर चुकी है और नए साल से रसोई गैस की सबसिडी पर भी टैक्स वसूल कर उसे भी महंगा करने जा रही है। शराब को सस्ता करने का प्रस्ताव नई आबकारी नीति में शामिल है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।
*क्या है तर्क
-आबकारी विभाग का मानना है कि शराब सस्ती होने से इसकी बिक्री में इजाफा होगा। इससे प्रदेश सरकार को लगभग 500 करोड़ स्र्पए की अतिरिक्त आय होगी। 
-अभी वैट का पूरा पैसा वाणिज्यकर विभाग के खाते में जा रहा है। आबकारी विभाग ने वैट को हटाकर उसका कुछ हिस्सा आबकारी शुल्क के रूप में लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे जहां सीध्ो विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी होगी वहीं दूसरी ओर शराब भी सस्ती हो जाएगी।
*एक साल पहले आया था सुझाव
एक साल पहले भी तत्कालीन आबकारी आयुक्त एसके वेद ने सरकार को पत्र लिखकर शराब से वैट हटाने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि वर्तमान में शराब पर 5 प्रतिशत वैट से सरकार को प्रतिमाह 25 करोड़ औसतन 300 करोड़ सालाना राजस्व मिल रहा है। यदि इसे हटा दिया जाए तो राज्य सरकार को लगभग 800 करोड़ का राजस्व मिल सकता है। आबकारी नीति तैयार हो जाने के कारण उस समय इसे शामिल नहीं किया जा सका था। इस बार आबकारी महकमे ने पॉलिसी में इस प्रावधान को शामिल कर लिया है।
गांव-गांव विदेशी शराब बेचने की तैयारी
देसी शराब की दुकानों पर विदेशी शराब बेचने का प्रस्ताव फिर आबकारी पॉलिसी में शामिल किया गया है। विभाग का तर्क है कि गांव-गांव में विदेशी शराब उपलब्ध्ा न होने से अवैध्ा शराब बनाने वाले घटिया और नकली विदेशी शराब बेच रहे हैं। 5 हजार से अध्ािक संख्या वाले लगभग 250 गांवों में देसी शराब की दुकानों पर विदेशी शराब बेचने पर गांवों में घटिया और नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगेगा। वहीं ग्रामीणों को अच्छे ब्रांड की विदेशी शराब मिल सकेगी। इससे विभाग के राजस्व में 150-200 करोड़ का इजाफा भी होगा।

 
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