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कोर्ट ने पूछा, टीनू जोशी यदि निर्दोष हैं तो फरार क्यों थीं

MPNEWSLIVE : 14 जनवरी, 2015

भोपाल ।। आय से अधिक संपत्ति मामले में लंबे समय से लोकायुक्त पुलिस को छका रहीं बर्खास्त आईएएस अधिकारी टीनू जोशी ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। व्हील चेयर पर दो नर्सो के साथ आई टीनू जोशी की ओर से उसके वकील ने कहा कि उनकी पक्षकार निर्दोष हैं। इस पर विशेष न्यायाधीश डीपी मिश्रा ने सख्त टिप्पणी कर कहा कि यदि वह निर्दोष हैं, तो फरार क्यों थीं? वकील ने बीमारी का हवाला देकर जमानत लेने की भरपूर कोशिश की लेकिन न्यायधीश के सख्त रवैये और जमानत खारिज होने पर वह रो पड़ी।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में अन्य 12 आरोपियों को मिली जमानत के आधार पर समानता का लाभ नहीं दिया जा सकता। आरोपी अरविंद जोशी और टीनू जोशी में अन्य आरोपियों से समानता इसलिए भी नहीं है कि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में लंबे समय से अधिकारी रहे हैं। उन्हें प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को अच्छी तरह से ज्ञान है।
इन प्रक्रियाओं की जानकारी के बावजूद भी वह लंबे समय से फरार रहे हैं। कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि वह प्रशासनिक सेवा के प्रभावशाली उच्च पदों पर रहे हैं, जिस पर रहते हुए अरविंद जोशी और टीनू जोशी ने भ्रष्टाचार के माध्यम से 43 करोड़ 20 लाख 23 हजार 416 रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। उनका यह कृत्य समाज पर विपरीत प्रभाव डालता है। साथ ही गंभीर अपराध होने से जमानत का लाभ दिया जाना उचित नहीं है।
एंबुलेंस से आई
 
इससे पहले टीनू जोशी कोर्ट में सरेंडर होने के लिए एंबुलेंस से पहुंची थी। वह व्हील चेयर पर दो नर्सो के साथ आई थी उनके साथ उनके ससुर और वकील प्रतुल्य शांडिल्य थे। इस दौरान उन्होंने इस बात का भी पूरा ध्यान रखा कि कोई भी फोटो ग्राफर उनका फोटो न खींच सके। कोर्ट रूम में पहुंचने के बाद वह करीब 5 घंटे बैठी रही जहां चुपचाप अदालती कार्रवाई देखती रही।

 
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