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मनरेगा में उत्कृष्ट कार्यों के लिये मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय पुरस्कार

MPNEWSLIVE : 02फरवरी, 2015

भोपाल ।। मनरेगा में उत्कृष्ट कार्यों के लिये मध्यप्रदेश को दसवें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्र सिंह ने मनरेगा के दसवें सम्मेलन में नई दिल्ली में एक समारोह में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव को दिया।

मध्यप्रदेश को वर्ष 2013-14 में मनरेगा और अन्य योजनाओं के साथ कन्वर्जेंस से ग्रामीण अंचलों में स्थाई आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाने और स्थाई परिसंपत्तियों के निर्माण में किये गये उत्कृष्ट कार्यों के लिये यह पुरस्कार दिया गया। मनरेगा कन्वर्जैंस से स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है और देश का रोल मॉडल बनकर उभरा है। प्रदेश में मनरेगा से 74 फीसदी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ। मनरेगा तथा अन्य योजनाओं के साथ कन्वर्जेंस से किये गये विकास कार्यों को देशभर में सराहा गया है।
गोपाल भार्गव ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा में कुल 1 करोड़ 2 लाख जॉबकार्डधारी परिवार हैं। प्रदेश में कुल 179 करोड़ 11 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। इसमें से अजा के 32 करोड़ 52 लाख, अजजा के 73 करोड़ 88 लाख और महिला श्रमिकों 77 करोड़ 36 लाख मानव दिवस का रोजगार दिया जा चुका है।
अपर मुख्य सचिव  अरूणा शर्मा ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी के त्वरित भुगतान तथा हिसाब-किताब में परदर्शिता के मकसद से मध्यप्रदेश में अप्रैल 2013 से इलेक्ट्रॉनिक फंड मेनेजमेंट व्यवस्था (ई-एफएमएस) लागू की गयी।
मध्यप्रदेश ई-एफएमएस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश में ई-एफएमएस में अब तक 30 लाख से अधिक ई-मस्टर जारी किये गये। इस प्रणाली से 4 करोड़ 71 लाख ट्रांजेक्शन कर 5617 करोड़ रुपये का भुगतान मजदूरों तथा सामग्री प्रदाता वेंडारों के बेंक खातों में किया जा चुका है।

 
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